कहते हैं जीवन संघर्ष का दूसरा नाम है। बडी उपलब्धियां वही हासिल करता है जो
निरंतर संघर्ष के लिए तैयार होता है। प्रतिभा तो हर शख्स में होती है, लेकिन सभी
बडी उपलब्धियां हासिल नहीं कर पाते। इन्हें हासिल वही करते हैं जो विपरीत स्थितियों
से घबराए बगैर यह ठान लेते हैं कि उन्हें यह काम करना ही है और इसमें पूरी तरह सफल
होना है। हालांकि इसके पहले यह तय कर लेना जरूरी होता है कि आपको करना क्या है? किस
दिशा में जाना है? फिर उस मंजिल तक पहुंचने में चाहे कितनी भी अडचनें और परेशानियां क्यों न आएं,
उन्हें हंसते-हंसते झेलने के लिए तैयार रहें। यह कहना भी गलत नहीं होगा कि किसी भी
क्षेत्र में किसी व्यक्ति की सफलता अकेले उसके ही प्रयासों का परिणाम नहीं होता। हर
सफल व्यक्ति के पीछे कई लोग होते हैं। वे माता-पिता हो सकते हैं, भाई-बहन हो सकते
हैं, पति या पत्नी, बच्चे, मित्र और यहां तक कि अपरिचित लोग भी हो सकते हैं। कभी यह
सहयोग आर्थिक होता है, तो कभी भावनात्मक और कभी बौद्धिक भी। विपरीत परिस्थितियों
में आप सिर्फ किसी का हौसला बनाए रखें तो यह भी कोई मामूली सहयोग नहीं होगा। |